मुख्यमंत्री ने कहा कि बुजुर्ग और नई पीढ़ी में बहुत अंतर है। नई पीढ़ी की पहुंच तकनीकी और ज्ञान तक पहुंच है। नई पीढ़ी सिर्फ आगे बढ़ने के अवसर चाहती है। उनमें क्षमता और प्रतिभा दोनों है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नया मध्यप्रदेश बनाना और इसकी नई पहचान बनाना चुनौती है। मध्यप्रदेश की नई पहचान पर हर नागरिक को गर्व होना चाहिए। हर क्षेत्र में मध्यप्रदेश की नई पहचान बने चाहे वह आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र हो। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा आर्थिक गतिविधियां बढ़ाकर रोजगार के अवसर युवाओं का देना सबसे पहली प्राथमिकता है। रोजगार निर्माण आर्थिक गतिविधि का ही एक आयाम है। यादव समाज की भूमि उपलब्ध कराने एवं अन्य मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि वे यादव समाज को निराश नहीं होने देंगे। उन्होंने यादव समाज सहित अन्य समाजों के युवाओं का आव्हान किया कि नया मध्यप्रदेश बनाने के लिए सब एक साथ मिलकर आगे बढ़ें।
इस अवसर पर यादव महासभा के महासचिव श्री दामोदर यादव ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ घोषणाओं पर नहीं, काम पर विश्वास करने वाले मुख्यमंत्री हैं। मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश को नई ऊँचाईयों पर ले जाना चाहते हैं। उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण देने और समन्वय भवन का नाम स्वर्गीय श्री सुभाष यादव के स्मृति में रखने के लिए मुख्यमंत्री का यादव समाज की ओर से आभार व्यक्त किया। पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री अरूण यादव ने भी अधिवेशन को संबोधित किया।
इस अवसर पर कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री सचिन यादव, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री हर्ष यादव, पूर्व मंत्री श्री भगवान सिंह यादव, विधायक श्रीमती कृष्णा गौर, श्री योगेन्द्र मंडलोई एवं बड़ी संख्या में यादव समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।